बुधवार, 3 अगस्त 2022

राजनीति क्यो

 जब कल निर्णय का समय आएगा,  तब सबसे पहले तटस्थ से सवाल किया जाएगा. 

 मेरे राजनीति में जाने के फैसले पर, मुझसे पहला सवाल "राजनीति क्यों" हर कोई पूछ रहा था।आज तक तो नहीं फिर अब अचानक।मैं मुस्कुरा भर दिया,रात भर सोचा 'कि क्यों? मेरे जैसे युवावस्था वाले हर शख्स को आज यह सवाल गंभीरता से सोचना होगा। यह कहकर कि राजनीति से तो हमारा दूर का नाता है,या कौन जाए इस कीचड़ में।इससे अलग नहीं हो सकते।चुनाव के दिन घर बैठे मूवी देखने या पिकनिक मनाने जाने हैं से और हां नोटा दबा देने मात्र से भी,हम स्वयं को राजनीति से दूर नहीं ले जा सकते।हम राजनीति में Interest ले या ना ले,हर कदम पर ये हम पर effect डालती है।हम इसके रिश्ते में आए या ना आए यह हर कदम पर हमारे संग अपने रिश्ते बनाती है।जीवन की हर कदम पर हम पर अपना असर डालती है।इसके द्वारा होने वाले हर गलत या सही फैसले का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ता है।
भारत में होने वाले हर मतदान में Average 70% Voting होती हैं। यानी लगभग 30% मतदान से दूर रहना पसन्द करते हैं। ओर यह बिन चाहे बिन मागे एक नेता अपने सर बैठा लेते हैं। 
इस गलत चली आ रही खामोश परंपरा को अब तोड़ने का समय आ गया है।
इससे पहले कि देर हो जाए,आओ आज ही फैसला करे।

चलो बदलाव लाया जाये   एक मशाल बेहतर लोकतंत्र की मिलकर जलाई जाये।। 

(Satish Shiv Singh Khadka)  @satishkhadka10
8923927777 

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