सवाल
वह जो वक्त सामने से आ रहा है ,
तेरे लिए कई सवाल लेकर आ रहा है ,
माना कि आतताई देश उजाड़ रहा था,
डर का चारों तरफ आतंक मचा रहा था,
धर्म के नाम पर आपस में लड़ा रहा था ,
मगर तू क्यों चुप बैठा रहा;
चिंता में मेरी भविष्य की तू चुप रहा ,
देखता तो कैसे भविष्य मेरा अंधेरा हो रहा था:
लोकतंत्र में तू जिया परतंत्र मेरे लिए छोड़ रहा था,
आप इसको youtub पर https://youtube.com/shorts/JNUZ6ntO1ao?feature=share ANDhttps://youtube.com/channel/UCjSCRXuTrpJK7hr9r1asa8g

<< मुख्यपृष्ठ