मंगलवार, 20 सितंबर 2022

समाजवादी विचारधारा ओर उत्तराखंड

"अगर सोच यह है कि देवभुमि उत्तराखंड विकास की सीढ़ी चढे, तो हमे समाजवादी विचारों के साथ गांधी जी के बताये रास्ते पर चलते हुए , 'स्थानीय स्वशासन व्यवस्था' को अपनाना होगा उत्तराखंड की भौगोलिक ओर आर्थिक स्थिति दोनों ही अन्य मैदानी राज्यों से भिन्न है। हम उत्तराखंड की बराबरी उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश की शासन व्यवस्था से नहीं कर सकते। हमें राज्य की परिस्थिति अनुरूप कार्य करना होगा। राज्य के लिए भारी भरकम प्रशासनिक अमले का व्यय उठाना,वैसे ही है जैसे बिना काम हाथी पालना। राज्य को केन्द्रीकरण् से विकेन्द्रीकरण की ओर मोडना होगा सरल शब्दो में राज्य के विकास की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के हाथ से लेकर ग्राम पंचायत के हाथ में देना।
86% पहाड़ी क्षेत्र उसमें भी लगभग 70-80% दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां, ऐसे में यह सोच की देहरादून में बैठे चमोली के किसी गाँव में विकास हो, मुमकिन नहीं। इसलिए जरूरी है कि मजबूती के साथ ही ईमानदार, पारदर्शी एवं जवाबदेय स्थानीय निकाय हो तथा विधानसभा उसका सुपरविजन करे। गांधी जी के शब्दों में
इसके अगले लेख को लिखने से पहले में आपकी राय, सवाल ओर सुझाव जानना चाहता हूँ। आप कमेंट में जरूर अपनी बात कहे। धन्यवाद